16 साल पुराने Call of Duty गेम्स के लिए 80 डॉलर PlayStation खिलाड़ियों में नाराज़गी, Black Ops 1 और 2 की वापसी पर उठा कीमत का सवाल

Written by: Rashmi Kumari

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Call of Duty: गेमिंग की दुनिया में कुछ ऐसे गेम होते हैं जो समय बीतने के बाद भी खिलाड़ियों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखते हैं। Call of Duty: Black Ops 1 और Call of Duty: Black Ops 2 ऐसे ही दो प्रतिष्ठित गेम हैं, जिन्होंने अपने शानदार अभियान, दमदार मल्टीप्लेयर मोड और यादगार कहानियों के दम पर करोड़ों खिलाड़ियों को प्रभावित किया था।

अब इन दोनों क्लासिक गेम्स की PlayStation 5 पर वापसी की खबर ने पुराने खिलाड़ियों को उत्साहित तो किया है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा विवाद भी खड़ा हो गया है। विवाद की वजह है इन गेम्स की संभावित कीमत, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार Activision Black Ops 1 और Black Ops 2 को PlayStation 5 के लिए फिर से लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह कोई Remastered संस्करण नहीं होंगे, बल्कि सीधे Ports होंगे, यानी पुराने गेम्स को आधुनिक PlayStation कंसोल पर चलाने के लिए अनुकूलित किया जाएगा। यहीं से खिलाड़ियों की नाराज़गी शुरू होती है, क्योंकि कई लोगों का मानना है कि इतने पुराने गेम्स के लिए इतनी अधिक कीमत लेना उचित नहीं होगा।

PlayStation 5 पर लौट रहे हैं दो ऐतिहासिक गेम

Call of Duty फ्रेंचाइज़ी पिछले कई वर्षों से दुनिया की सबसे लोकप्रिय गेमिंग सीरीज में शामिल रही है। हर साल नया Call of Duty गेम लॉन्च होता है और खिलाड़ी नवीनतम अनुभव के लिए बड़ी रकम खर्च करते हैं। इस बीच Black Ops 7 की चर्चा भी तेज हो रही है और भविष्य में Modern Warfare 4 के आने की संभावना भी जताई जा रही है।

Call of Duty
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लेकिन नए गेम्स के आने से पहले Activision अपने पुराने लोकप्रिय टाइटल्स को फिर से बाजार में लाने की रणनीति पर काम कर रही है। Black Ops 1, जो पहली बार 2010 में लॉन्च हुआ था, और Black Ops 2, जो 2012 में रिलीज हुआ था, आज भी Call of Duty के सबसे सफल और पसंद किए जाने वाले गेम्स में गिने जाते हैं। इन्हीं गेम्स को अब PlayStation 5 पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है।

कीमत ने बढ़ाई खिलाड़ियों की चिंता

जहां गेम्स की वापसी को लेकर उत्साह है, वहीं संभावित कीमत ने PlayStation समुदाय को चिंतित कर दिया है। रिपोर्ट्स और चर्चाओं के अनुसार खिलाड़ियों को इन क्लासिक गेम्स के लिए लगभग 80 डॉलर तक खर्च करने पड़ सकते हैं।

यदि इस कीमत को भारतीय रुपये में बदलकर देखा जाए तो यह राशि लगभग 6,500 से 7,000 रुपये के बीच बैठ सकती है। ऐसे में कई खिलाड़ियों का कहना है कि 16 साल पुराने गेम्स के लिए इतनी बड़ी रकम चुकाना मुश्किल है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई गेमर्स ने सवाल उठाया है कि यदि गेम्स में बड़े स्तर का ग्राफिकल अपग्रेड, नए फीचर्स या आधुनिक तकनीक नहीं जोड़ी गई है, तो इतनी कीमत का औचित्य क्या है।

Port और Remaster में क्या है अंतर?

इस विवाद को समझने के लिए Port और Remaster के बीच का अंतर जानना जरूरी है। जब किसी पुराने गेम को बिना बड़े बदलाव के नए प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाता है, तो उसे Port कहा जाता है। इसमें मूल गेमप्ले और अधिकांश तकनीकी संरचना वही रहती है।

वहीं Remaster में ग्राफिक्स को बेहतर बनाया जाता है, प्रदर्शन में सुधार किया जाता है और कई बार नए फीचर्स भी जोड़े जाते हैं। ऐसे में खिलाड़ी अधिक कीमत को स्वीकार कर लेते हैं क्योंकि उन्हें नया अनुभव मिलता है। Black Ops 1 और Black Ops 2 के मामले में फिलहाल Port की चर्चा हो रही है, इसलिए खिलाड़ियों को लग रहा है कि कीमत अपेक्षाकृत कम होनी चाहिए।

Call of Duty की वार्षिक रणनीति पर भी उठे सवाल

Call of Duty सीरीज को लेकर लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि हर साल नया गेम खरीदने के लिए खिलाड़ियों को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। कई देशों में नए Call of Duty गेम की कीमत लगभग 80 डॉलर तक पहुंच चुकी है।

ऐसे में जब पुराने गेम्स भी लगभग उसी स्तर की कीमत पर बेचे जाने की चर्चा सामने आती है, तो खिलाड़ियों की नाराज़गी स्वाभाविक लगती है। कुछ लोगों का कहना है कि Activision अपनी लोकप्रियता का फायदा उठाकर पुराने गेम्स को भी प्रीमियम कीमत पर बेचने की कोशिश कर रही है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक आधिकारिक मूल्य की पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए अंतिम कीमत अलग भी हो सकती है।

पुराने खिलाड़ियों के लिए खास है Black Ops सीरीज

कीमत को लेकर विवाद अपनी जगह है, लेकिन यह भी सच है कि Black Ops सीरीज का गेमिंग इतिहास में एक विशेष स्थान है। Black Ops 1 की जासूसी और रहस्यमयी कहानी आज भी खिलाड़ियों को याद है। वहीं Black Ops 2 ने भविष्यवादी युद्ध प्रणाली और मल्टीप्लेयर अनुभव के कारण नई पहचान बनाई थी।

कई खिलाड़ियों ने इन्हीं गेम्स के साथ अपनी ऑनलाइन गेमिंग यात्रा शुरू की थी। इसलिए PlayStation 5 पर इनकी वापसी उनके लिए एक भावनात्मक अनुभव भी साबित हो सकती है।

क्या खिलाड़ी फिर से खरीदेंगे ये गेम?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या खिलाड़ी इतने पुराने गेम्स को दोबारा खरीदने के लिए तैयार होंगे?

कुछ प्रशंसकों का कहना है कि वे केवल यादों के लिए भी इन गेम्स को खरीदेंगे। दूसरी तरफ कई खिलाड़ी कीमत कम होने का इंतजार करना चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि Activision उचित मूल्य रखती है तो इन गेम्स की बिक्री शानदार हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम फैसला कीमत और अतिरिक्त फीचर्स पर निर्भर करेगा। यदि कंपनी खिलाड़ियों को बेहतर अनुभव देने में सफल रहती है, तो इन गेम्स की वापसी बेहद सफल साबित हो सकती है।

आगे क्या देखने को मिल सकता है?

जैसे-जैसे Black Ops 7 और Modern Warfare 4 की चर्चाएं बढ़ रही हैं, Activision अपने पुराने और नए दोनों खिलाड़ियों को साथ रखने की कोशिश कर रही है। Black Ops 1 और Black Ops 2 की PlayStation 5 पर वापसी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

Call of Duty
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फिलहाल गेमिंग समुदाय कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहा है। जैसे ही कीमत और रिलीज से जुड़ी जानकारी सामने आएगी, यह स्पष्ट हो जाएगा कि खिलाड़ियों की चिंता सही थी या नहीं।

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